
हिन्दी की पहचान
– कु. रूचि पुत्री श्री धर्मेंद्र कुमार बी .ए. द्वितीय वर्ष हिन्दी है हिन्दुस्तान की पहचान, ये करती भारतीयों को एकजुट करने का काम।। रा



निदेशक
अत्यंत हर्ष का विषय है कि माता भगवती देवी राजकीय महिला महाविद्यालय आवल खेड़ा आगरा अपनी वार्षिक ई पत्रिका ‘प्रतिभा’ के संयुक्त अंक का प्रकाशन करने जा रहा है। महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका के प्रकाशन से छात्राओं के सामाजिक बौद्धिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विकास एवं रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का अवसर प्राप्त होगा। मैं आशा करता हूं कि पत्रिका महाविद्यालय की छात्राओं के लिए अभिव्यक्ति…

कुलपति
मुझे यह जान कर अत्यन्त प्रसन्नता हो रही है कि “ माता भगवती देवी राजकीय महिला महाविद्यालय, आँवलखेड़ा, आगरा ” अपनी वार्षिक ई-पत्रिका के संयुक्तांक “ प्रतिभा ” का प्रकाशन करने जा रहा है।हमारे राष्ट्र में प्राचीन काल से शिक्षा की लंबी और समृद्ध परम्परा रही है। ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ की पारंपरिक अवधारणा मानव जाति को अन्धकार से प्रकाश की ओर ले जाने के लिए एक नवाचार है। ….

प्राचार्या
उत्तर प्रदेश में पर्यटन हेतु विश्व प्रसिद्ध शहर आगरा की एत्मादपुर तहसील के ग्राम आँवलखेड़ा, जो स्वनामधन्य तपोनिष्ठ पं. श्री राम शर्मा आचार्य जी की पावन जन्मस्थली है, में अवस्थित “माता भगवती देवी राजकीय महिला महाविद्यालय, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपने स्थापना वर्ष 1996 से आज तक नित नए सोपान गढ़ रहा है, और अपने शिखर पर पहुंचने हेतु सतत प्रयासरत है। यहाँ के विद्वान् प्राध्यापक निरंतर नवसृजन की ओर…

संपादक
परम पूज्य गुरुजी आचार्य पं. श्रीराम शर्मा की पावन जन्मभूमि एवं कर्मस्थली आँवलखेड़ा, आगरा स्थित, वन्दनीय माता भगवती देवी की स्मृति को समेटे हुए ‘माता भगवती देवी राजकीय महिला महाविद्यालय आँवलखेड़ा, आगरा’ की गौरवपूर्ण यात्रा के रजत जयंती वर्ष में महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘प्रतिभा’ जो कि अब ई-पत्रिका का रूप ले चुकी है, के संयुक्तांक को प्रकाशित कर आपको समर्पित करते हुए अत्यंत प्रसन्नता की अनुभूति…
Here are some shortcuts and previews of some articles, achievements, committees, and messages from the college

– कु. रूचि पुत्री श्री धर्मेंद्र कुमार बी .ए. द्वितीय वर्ष हिन्दी है हिन्दुस्तान की पहचान, ये करती भारतीयों को एकजुट करने का काम।। रा

– स्वाती चौहान पुत्री श्री देवेंद्र सिंह चौहान बी .ए. द्वितीय वर्ष हि न्दी हूँ मैं संभालो मुझे, बहुत हुआ अब बचालो मुझे। पुरखों की

– डॉ. शुभा सिंह असि. प्रो. समाजशास्त्र राजकीय महाविद्यालय आँवलखेड़ा, आगरा वर्तमान समय में तनाव शब्द लोगों के लिए नया नहीं रह गया है सामान्य

– कु. शिवानी त्यागी बी .ए. तृतीय वर्ष सुनो उठो अब बन्धन तोड़ो , मातृभाषा से ना ता जोड़ो ।। दूर हटाकर शर्म का साया,

– कु. नन्दिनी वर्मा बी.ए. द्वितीय वर्ष हिन्दी ही अहम है, हिन्दी ही गर्व है। हिन्दी ही उत्सव है, हिन्दी ही पर्व है। हिन्दी ही

– संध्या भारद्वाज पुत्री श्री राजकिशोर शर्मा बी .ए. प्रथम वर्ष वो थे सबके प्यारे, बुराई के न थे उनमें एक भी अंगारे। दया भावना