
बौद्धिक सम्पदा अधिकार से क्षमतावर्धन
– डॉ0 अनीताअसि0 प्रो0०- राजनीति विज्ञानमाता भगवती देवी राजकीय महिला महाविद्यालयऑवलखेड़ा, आगरा । मनुष्य अपनी विचारशीलता, विवेक व बुद्धि से नवीन आविष्कार व रचनाओंको जन्म



निदेशक
अत्यंत हर्ष का विषय है कि माता भगवती देवी राजकीय महिला महाविद्यालय आवल खेड़ा आगरा अपनी वार्षिक ई पत्रिका ‘प्रतिभा’ के संयुक्त अंक का प्रकाशन करने जा रहा है। महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका के प्रकाशन से छात्राओं के सामाजिक बौद्धिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विकास एवं रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का अवसर प्राप्त होगा। मैं आशा करता हूं कि पत्रिका महाविद्यालय की छात्राओं के लिए अभिव्यक्ति…

कुलपति
मुझे यह जान कर अत्यन्त प्रसन्नता हो रही है कि “ माता भगवती देवी राजकीय महिला महाविद्यालय, आँवलखेड़ा, आगरा ” अपनी वार्षिक ई-पत्रिका के संयुक्तांक “ प्रतिभा ” का प्रकाशन करने जा रहा है।हमारे राष्ट्र में प्राचीन काल से शिक्षा की लंबी और समृद्ध परम्परा रही है। ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ की पारंपरिक अवधारणा मानव जाति को अन्धकार से प्रकाश की ओर ले जाने के लिए एक नवाचार है। ….

प्राचार्या
उत्तर प्रदेश में पर्यटन हेतु विश्व प्रसिद्ध शहर आगरा की एत्मादपुर तहसील के ग्राम आँवलखेड़ा, जो स्वनामधन्य तपोनिष्ठ पं. श्री राम शर्मा आचार्य जी की पावन जन्मस्थली है, में अवस्थित “माता भगवती देवी राजकीय महिला महाविद्यालय, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपने स्थापना वर्ष 1996 से आज तक नित नए सोपान गढ़ रहा है, और अपने शिखर पर पहुंचने हेतु सतत प्रयासरत है। यहाँ के विद्वान् प्राध्यापक निरंतर नवसृजन की ओर…

संपादक
परम पूज्य गुरुजी आचार्य पं. श्रीराम शर्मा की पावन जन्मभूमि एवं कर्मस्थली आँवलखेड़ा, आगरा स्थित, वन्दनीय माता भगवती देवी की स्मृति को समेटे हुए ‘माता भगवती देवी राजकीय महिला महाविद्यालय आँवलखेड़ा, आगरा’ की गौरवपूर्ण यात्रा के रजत जयंती वर्ष में महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘प्रतिभा’ जो कि अब ई-पत्रिका का रूप ले चुकी है, के संयुक्तांक को प्रकाशित कर आपको समर्पित करते हुए अत्यंत प्रसन्नता की अनुभूति…
Here are some shortcuts and previews of some articles, achievements, committees, and messages from the college

– डॉ0 अनीताअसि0 प्रो0०- राजनीति विज्ञानमाता भगवती देवी राजकीय महिला महाविद्यालयऑवलखेड़ा, आगरा । मनुष्य अपनी विचारशीलता, विवेक व बुद्धि से नवीन आविष्कार व रचनाओंको जन्म

– कु. गार्गी त्यागी बी.ए. तृतीय वर्ष ‘‘ऐ कलम तू उठ खड़ी हो कदम अपने खोल दे है दबी हिय में व्यथा जो आज उसको

– कु. ज्योति शर्मा बी .ए. तृतीय वर्ष सोचो अगर नारी दुर्गा न होती ………… किसी बंधन-बेड़ियो से आजाद न हो ती बंद रहती एक

– डॉ. शुभा सिंह असि. प्रो. समाजशास्त्र राजकीय महाविद्यालय आँवलखेड़ा, आगरा वर्तमान समय में तनाव शब्द लोगों के लिए नया नहीं रह गया है सामान्य

– कु. शिखा परमार बी.ए. प्रथम वर्ष सब कुछ यहाँ नया सा है, मन में फिर भी आशा है। जो शिष्य बड़े ही चंचल होते
For centuries, tarot cards have been utilized as a tool for divination and tarot gratis amor self-reflection. Whether you are a seasoned reader or an