–डॉ. प्रणव पंड्या एवं शैलबाला पंड्या
गायत्री शांतिकुंज, हरिद्वार – 249411 (उत्तराखंड) हरिद्वार
यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता है कि ‘माता भगवती देवी राजकीय महिला महाविद्यालय आँवलखेड़ा, आगरा’ द्वारा महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘प्रतिभा’ के संयुक्तांक (2019-2022) का प्रकाशन होने जा रहा है। इसके लिए महाविद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई। ‘माता भगवती देवी राजकीय महिला महाविद्यालय आँवलखेड़ा, आगरा वस्तुतः गायत्री शक्तिपीठ के संस्थापक संरक्षक तपोनिष्ठ परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी की जन्मस्थली आंवलखेड़ा, आगरा में उन्हीं के द्वारा महिला शिक्षा के लिए अनुदानित भूमि पर अवस्थित है, अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा है। सद्गुरु के रूप में आँवलखेड़ा की धरती पर उनका अवतरण सम्पूर्ण विश्व एवं मानवता के कल्याणार्थ ही हुआ। धन्य है वह धरती जिसने युग के अवतार को प्रकट किया। माँ गायत्री की उपासना का प्रत्यक्ष परोक्ष चमत्कार आज पूरी दुनिया देख रही है। यह नारी सशक्तिकरण एवं महिला जागरण अभियान का प्रतीक है। २१वीं सदी को नारी सदी एवं उज्जवल भविष्य कहकर उन्होंने ही घोषणा की है, उनकी सारी भविष्यवाणियां आज प्रत्यक्ष परिलक्षित हो रही हैं। इन संकल्पों एवं घोषणा को पूरा करने में माता भगवती देवी राजकीय महाविद्यालय की विशेष भूमिका होगी। जन्मभूमि से जुड़े होने के कारण देश-विदेश के लोग इसकी महत्ता को समझेंगे एवं प्रेरणा ग्रहण करेंगे।
पूज्य गुरुदेव के अनुसार ‘जिस तरह बीज के अंदर न दिख पड़ने वाला विशाल वृक्ष छिपा होता है, उसी भांति प्रतिभा का बीजांकुर भी हरेक के अंदर छिपा होता है। बीज गलकर पहले पौधा फिर वृक्ष एवं उसमें फल-फूल आने लगते हैं और यह सब अपने समय पर ही आता है। ठीक उसी तरह शिक्षक एवं विद्यार्थी एक दूसरे के पूरक हैं, दोनों मिलकर नई संभावनाओं को जन्म देते हैं, वह भी अपने समय पर अवश्य परिलक्षित होता चला जायेगा।
ई-पत्रिका ‘प्रतिभा’ प्रकाशन के इस अवसर पर हमारी हार्दिक शुभकामनाएं हैं कि गुरुसत्ता की असीम अनुकम्पा इस महाविद्यालय परिवार एवं इसके संपादक मंडल सहित सभी बच्चियों में शिक्षा के साथ विद्या हेतु सुसंस्कारिता के बीजारोपण का पुण्य प्रयास पुरुषार्थ अनवरत जारी रहे। यहाँ से शिक्षित-दीक्षित बालिकाएं, विदुषी बन एवं उभरकर मानवता के हित निमित्त भूमण्डल पर छा जाएं और यह पावन धरती भी कृत-कृत्य हो जाये।
माता भगवती देवी राजकीय महाविद्यालय परिवार, गायत्री शक्तिपीठ, जन्मभूमि आँवलखेड़ा से जुड़े सभी स्वजनों, परिजनों पर ऋषियुग्म का अनुदान-वरदान सदैव ही बरसता रहे, यही कामना है। पत्रिका के सफल प्रकाशन एवं उज्जवल भविष्य की खूब-खूब मंगल कामनाएं।



