– कु. रूचि
पुत्री श्री धर्मेंद्र कुमार
बी .ए. द्वितीय वर्ष
हिन्दी है हिन्दुस्तान की पहचान,
ये करती भारतीयों को एकजुट करने का काम।।
रा ष्ट्रीय एकता की पहचान कराती ,
अपनेपन का अहसास कराती ।
हिन्दी का है मोल महान,
हिन्दी है हि न्दुस्तान ही पहचान।।
हिन्दुस्ता न की शान मानी जाती ,
संस्कृति संस्कारों का अनूठा प्रतिबिंब मानी जाती ।
हिन्दी से बना ये हिन्दुस्तान,
हिन्दी है हिन्दुस्तान की पहचान।।
हिन्दी है सरल, सहज भाषा ,
जिसे व्यक्ति सरलता से समझ पाता ।
सबके विचारों को दिया नया मान,
हिन्दी है हिन्दुस्तान की पहचान।।
अंग्रेजी से को ई बैर नहीं ,
हर भाषाओं का मेल यहीं ।।
हिन्दी है जीवन-रेखा का गान,
हिन्दी है हिन्दुस्तान की पहचान।।
****


